This page uses Javascript. Your browser either doesn't support Javascript or you have it turned off. To see this page as it is meant to appear please use a Javascript enabled browser. जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य सुरहा ताल, बलिया, उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश ईको-पर्यटन विकास बोर्ड | आधिकारिक वेबसाइट
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    जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल), बलिया, उत्तर प्रदेश

    ‘सुरहा ताल’ का निर्माण बलिया जनपद के बांसडीह क्षेत्र के 45 गाँवों की भूमि के समेकन से हुआ, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 3432.93 हेक्टेयर है। बाद में इसका नाम बदलकर “जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य” कर दिया गया, हालांकि स्थानीय लोग आज भी इसे इसके पूर्व नाम ‘सुरहा ताल’ से ही जानते हैं। यह जलाशय बलिया नगर से लगभग 10 किमी की दूरी से प्रारंभ होकर पश्चिम में भीकमपुर गाँव तक तथा उत्तर-पूर्व में सिंगहौली तक विस्तृत है, जबकि दक्षिण-पूर्व दिशा में यह दुलवारा गाँव से सीमाबद्ध है।

    जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य बलिया एवं बांसडीह क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आता है। ‘सुरहा ताल’ से जुड़ी कथाएँ इसके ऐतिहासिक, पारंपरिक एवं धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं। इसके आसपास स्थित 45 गाँवों के लिए यह ताल आजीविका का प्रमुख स्रोत है। मत्स्य पालन के साथ-साथ यहाँ के निवासी कृषि गतिविधियों में भी संलग्न हैं। वर्षा ऋतु के दौरान लगभग 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न हो जाता है, जिससे प्राकृतिक आवास का विस्तार होता है और जैव विविधता को अनुकूल परिस्थितियाँ प्राप्त होती हैं।

    जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य

    कैसे पहुँचे

    वायु मार्ग द्वारा
    निकटतम हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है, जो यहाँ से लगभग 169 किमी दूर स्थित है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
    रेल मार्ग द्वारा
    जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य के निकटतम रेलवे स्टेशन कुंडा जंक्शन (लगभग 13 किमी) एवं प्रयागराज जंक्शन (लगभग 48 किमी) हैं।
    सड़क मार्ग द्वारा
    जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य बलिया जनपद में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग 1 एवं 34 के माध्यम से प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सी सेवाओं का सुदृढ़ नेटवर्क उपलब्ध है।