This page uses Javascript. Your browser either doesn't support Javascript or you have it turned off. To see this page as it is meant to appear please use a Javascript enabled browser. कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य, उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश ईको-पर्यटन विकास बोर्ड | आधिकारिक वेबसाइट
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    कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य, उत्तर प्रदेश

    कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य

    कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में स्थित है। इसका मंडल कार्यालय बहराइच में स्थित है। अभ्यारण्य का क्षेत्र, मुख्यालय से लगभग 60 किमी दूर मोतीपुर वन क्षेत्र से प्रारंभ होकर कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में घाघरा (गेरुआ) नदी तक विस्तृत है।

    लगभग 400 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला यह अभ्यारण्य वर्ष 1976 में यूएनडीपी (UNDP) मगरमच्छ परियोजना के अंतर्गत स्थापित किया गया था। तराई क्षेत्र की कोमल जलोढ़ मिट्टी की हल्की ढलान इसे दुधवा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख अभ्यारण्यों में से एक बनाती है। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इस अभ्यारण्य की स्थापना घड़ियाल (Gavialis gangeticus) की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई थी। जो घड़ियाल कभी भारत, पाकिस्तान और नेपाल की नदियों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते थे, वे वर्ष 1975 तक विलुप्ति के कगार पर पहुँच गए थे।

    यह अभ्यारण्य विविध पक्षी प्रजातियों के लिए भी प्रसिद्ध है, जिनमें मार्श सैंडपाइपर, डस्की रेडशैंक, ग्रेट व्हाइट पेलिकन, नॉर्दर्न पिंटेल, बार-हेडेड गूज, कॉमन शेलडक, मार्बल्ड डक, पॉन्ड हेरोंस, ओपन-बिल्ड स्टॉर्क (घोंघिल), ग्रेलैग गूज, सारस क्रेन, लेसर व्हिस्लिंग टील, एग्रेट, कॉम्ब डक, कूट, कॉर्मोरेंट, स्टॉर्क, व्हाइट स्पूनबिल, ब्लैक-नेक्ड क्रेन, मोर, डार्टर, व्हाइट-ब्रेस्टेड किंगफिशर, सैंडपाइपर, कॉमन टील, गैडवाल, मल्लार्ड, स्पॉट-बिल्ड डक, कॉमन पोचार्ड, रड्डी शेलडक, कबूतर, पेंटेड स्टॉर्क, टफ्टेड डक आदि शामिल हैं।

    कैसे पहुँचे

    वायु मार्ग द्वारा
    निकटतम हवाई अड्डा लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो यहाँ से लगभग 215 किमी दूर है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
    रेल मार्ग द्वारा
    निकटतम रेलवे स्टेशन बहराइच रेलवे स्टेशन (लगभग 103 किमी) है।
    सड़क मार्ग द्वारा
    कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य बहराइच जनपद में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग 13, 26 एवं 30 से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सी सेवाओं का सुदृढ़ नेटवर्क उपलब्ध है।
    आवास

    मोतीपुर, ककरहा, मुटिहा, रामपुरवा, निशानगढ़ एवं कतर्नियाघाट में वन विश्राम गृह उपलब्ध हैं।