दुधवा राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 30 किमी की दूरी पर स्थित यह अभयारण्य लगभग 203 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और शारदा नदी के तट पर स्थित है। किशनपुर की वनस्पति दुधवा के समान है, जिसमें घने तटीय वन (रिपेरियन फॉरेस्ट) तथा साल, सागौन और जामुन जैसे आर्द्र पर्णपाती वृक्ष पाए जाते हैं। तालाबों एवं सतत प्रवाहित जलधाराओं से युक्त खुले घास के मैदान विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों एवं पक्षियों को आकर्षित करते हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व में लगभग 450 निवासी एवं प्रवासी पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से अनेक प्रजातियाँ किशनपुर अभयारण्य के प्रमुख जल स्रोत ‘झाड़ी ताल’ (Jhadi Tai) में देखी जा सकती हैं। यहाँ रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, मल्लार्ड, डैबचिक, ग्रीब, कॉमन पोचार्ड, पिंटेल, शोवेलर, रिवर टर्न, व्हाइट-आईड पोचार्ड, स्पूनबिल, एग्रेट, स्नेकबर्ड, हेरॉन, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क सहित अनेक पक्षी प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं।
पर्यटकों द्वारा झाड़ी ताल के आसपास चीता (तेंदुआ), बारहसिंगा तथा चंचल ऊदबिलाव (Otters) के समूहों को भी देखा गया है, जबकि बाघ का दर्शन अपेक्षाकृत दुर्लभ होता है। तराई क्षेत्र की समृद्ध भूमि में विभिन्न प्रकार के स्तनधारी जीव पाए जाते हैं, परंतु यहाँ की सबसे अधिक दिखाई देने वाली प्रजाति हिरणों की विभिन्न किस्में हैं। किशनपुर, कतर्नियाघाट एवं दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के वन्यजीव क्षेत्रों में हिरणों की पाँच प्रजातियाँ विचरण करती हुई देखी जा सकती हैं।
कैसे पहुँचे
वायु मार्ग द्वारा
निकटतम हवाई अड्डा लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो यहाँ से लगभग 217.6 किमी दूर है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन शाहजहाँपुर जंक्शन (लगभग 105 किमी) है।
सड़क मार्ग द्वारा
किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य लखीमपुर खीरी जनपद में स्थित है। यह लखनऊ एवं शाहजहाँपुर से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सियों की उत्तम सुविधा उपलब्ध है।
आवास
किशनपुर, साथियाना, सोनारिपुर और बंकाटी में निम्नलिखित आवास सुविधाएँ उपलब्ध हैं:
- वन विश्राम गृह – 05
- वातानुकूलित डॉर्मिटरी
- थारू हट्स – 19
- लॉग हट – 1