मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के तीन राज्यों में फैला लगभग 5,400 वर्ग किमी क्षेत्र राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अंतर्गत आता है। उत्तर प्रदेश में यह अभयारण्य आगरा और इटावा जनपदों में स्थित है, जिसका मुख्यालय आगरा में है। उत्तर प्रदेश में इसका क्षेत्रफल लगभग 635 वर्ग किमी है। इस अभयारण्य की प्रमुख प्रजातियाँ मीठे पानी की डॉल्फ़िन और घड़ियाल हैं।
इस अभयारण्य को वर्ष 1979 में अधिसूचित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य अत्यंत संकटग्रस्त घड़ियाल (Gavialis gangeticus) की तेजी से घटती संख्या का संरक्षण करना था। अभयारण्य से होकर बहने वाली चंबल नदी घड़ियालों का प्रमुख प्राकृतिक आवास है। इसके अतिरिक्त स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव, कछुओं की आठ प्रजातियाँ, संकटग्रस्त गंगा डॉल्फ़िन तथा विभिन्न प्रकार की मछलियाँ भी इस नदी में पाई जाती हैं।
यह अभयारण्य चंबल नदी के लगभग 400 किमी लंबे प्रवाह क्षेत्र तथा इसके दोनों किनारों पर फैली बीहड़ों (ravines) को समाहित करता है। उत्तर प्रदेश में लगभग 180 किमी का नदी क्षेत्र इस अभयारण्य के अंतर्गत आता है। नदी इसका कोर जोन बनाती है, जबकि इसके रेतीले तट एवं आसपास का क्षेत्र बफर जोन के रूप में कार्य करता है। यह अभयारण्य राजस्थान के कोटा बैराज के डाउनस्ट्रीम से प्रारंभ होकर उत्तर प्रदेश में भरेह (जहाँ चंबल और यमुना का संगम होता है) तक विस्तृत है।
कैसे पहुँचे
वायु मार्ग द्वारा
निकटतम हवाई अड्डा आगरा स्थित खेड़िया हवाई अड्डा है, जो यहाँ से लगभग 107 किमी दूर है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन आगरा कैंट (लगभग 104.5 किमी) तथा मथुरा जंक्शन (लगभग 166 किमी) हैं।
सड़क मार्ग द्वारा
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य उत्तर प्रदेश के आगरा एवं इटावा जनपदों में स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 45 तथा आगरा-यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सी सेवाओं का सुदृढ़ नेटवर्क उपलब्ध है।
आवास
बाह तथा आगरा में वन विश्राम गृह एवं निजी आवास सुविधाएँ उपलब्ध हैं।