लगभग 263 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला रानीपुर वन्यजीव अभयारण्य विंध्याचल पर्वतमाला में स्थित है। पहाड़ी क्षेत्रों तथा विस्तृत घास के मैदानों से आच्छादित घने वन वन्यजीवों के पनपने के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण प्रदान करते हैं। अभयारण्य का उत्तरी भाग घने पर्णपाती वनों से आच्छादित है, जबकि इसके किनारे बहने वाली ओशन (Ooshan) नदी विविध वनस्पतियों को पोषित करती है, जिनमें तेंदू, महुआ, बाँस, ढाक, आंवला, कैथा और साल प्रमुख हैं। जलधाराओं के किनारे अर्जुन, खिरनी, जामुन तथा गूलर के वृक्ष अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।
यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, सियार, जंगली कुत्ता, काला हिरण (ब्लैक बक), विभिन्न प्रकार के हिरण तथा नीलगाय जैसे वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अतिरिक्त पैंगोलिन, मगरमच्छ, घड़ियाल, गिद्ध आदि भी यहाँ सामान्यतः पाए जाते हैं, जबकि आसपास के क्षेत्रों में सारस जैसे पक्षी भी देखे जा सकते हैं। जल स्रोतों के निकट पेंटेड स्टॉर्क एवं ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में बेहतर ढंग से देखने के लिए अभयारण्य में विभिन्न स्थानों पर वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।
शबरी जलप्रपात, राघव जलप्रपात, अमरावती जलप्रपात, धारकुंडी आश्रम तथा मरवरिया देवी मंदिर यहाँ के प्रमुख पर्यटन आकर्षण हैं। माणिकपुर स्थित व्याख्या केंद्र (Interpretation Centre) एवं अनुसंधान केंद्र इस क्षेत्र के महत्व और जैव-विविधता की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
कैसे पहुँचे
वायु मार्ग द्वारा
निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज स्थित बमरौली एयरपोर्ट है, जो यहाँ से लगभग 106 किमी दूर है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन माणिकपुर जंक्शन (लगभग 13 किमी) तथा चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन (लगभग 37 किमी) हैं।
सड़क मार्ग द्वारा
रानीपुर वन्यजीव अभयारण्य चित्रकूट जनपद में स्थित है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 35 (NH-35), NH-731A तथा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सियों की उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध है।
आवास
- रानीपुर वन विश्राम गृह
- चौरी वन विश्राम गृह
- माणिकपुर वन विश्राम गृह
- मरकुंडी वन विश्राम गृह