समसपुर पक्षी अभयारण्य, रायबरेली की स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी और यह लगभग 8 वर्ग किमी क्षेत्र में विस्तृत है। यह एक स्थायी आर्द्रभूमि (वेटलैंड) है, जहाँ प्रवासी तथा स्थानीय दोनों प्रकार के पक्षियों की उल्लेखनीय संख्या पाई जाती है।
अभयारण्य में पाँच झीलें हैं, जो मिलकर इसका मुख्य क्षेत्र (कोर) बनाती हैं और प्रतिवर्ष लगभग 200 प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का आवास प्रदान करती हैं। यहाँ लगभग 14 प्रजातियों की बतख, 13 प्रजातियों के जल-तट पक्षी (वेडर्स), 4 प्रजातियों के सारस (स्टॉर्क) तथा 10 प्रजातियों के शिकारी पक्षी (रैप्टर्स) पाए जाते हैं। यह क्षेत्र समसपुर, ममुनी, गोरवा, हसनपुर, हकगंज एवं रोहनिया नदियों के संगम से निर्मित है।
यहाँ के प्रमुख प्रवासी पक्षियों में ग्रेलेग गूज, बार-हेडेड गूज, व्हाइट-आइड पोचार्ड, विजियन, ब्राह्मिणी डक, पिंटेल, कॉमन टील, शोवेलर, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब तथा मल्लार्ड शामिल हैं। वहीं स्थानीय पक्षियों में घोंघिल (ओपनबिल स्टॉर्क), पेंटेड स्टॉर्क, व्हाइट आइबिस, डार्टर, लिटिल कॉर्मोरेंट, इंडियन कॉर्मोरेंट, लेसर व्हिस्लिंग डक तथा पर्पल हेरॉन प्रमुख हैं।
पक्षियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने और आगंतुकों की जिज्ञासाओं को दूर करने के लिए यहाँ एक बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर स्थापित किया गया है। पक्षियों के अवरोध-रहित अवलोकन हेतु उपयुक्त स्थानों पर वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।