सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य बलरामपुर एवं श्रावस्ती जनपदों में, भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है और लगभग 452 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह रॉयल बंगाल टाइगर के लिए एक महत्वपूर्ण अभयारण्य है, जहाँ वह अपने प्राकृतिक अवस्था में प्रजनन करता है। लगभग 220 वर्ग किमी के बफर क्षेत्र सहित इस अभयारण्य की स्थापना वर्ष 1988 में की गई थी।
यह अभयारण्य प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल श्रावस्ती के समीप स्थित है। यहाँ से बौद्ध पर्यटक कपिलवस्तु, लुंबिनी एवं कुशीनगर जैसे अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों की ओर प्रस्थान करते हैं।
यहाँ निवास करने वाला थारू जनजाति समुदाय अपनी आजीविका एवं जीवनयापन के लिए पूर्णतः वन संसाधनों पर निर्भर है। इस अभयारण्य में शीशम, खैर, जामुन, जिगना, हल्दू, फल्दू आदि वृक्षों की प्रचुरता है। औषधीय पौधे भी यहाँ पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
यह अभयारण्य तेंदुआ, चीतल, भालू, भेड़िया, खरगोश, सियार, जंगली सूअर, सांभर, बंदर, लंगूर, अजगर एवं ऊदबिलाव जैसे वन्यजीवों का आवास है। यहाँ के विस्तृत जलाशय अनेक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जिनमें काला तीतर, बटेर, मोर, किंगफिशर, बुलबुल, मैना, गरुड़, कोयल एवं उल्लू प्रमुख हैं।
कैसे पहुँचे
वायु मार्ग द्वारा
निकटतम हवाई अड्डा चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ है, जो यहाँ से लगभग 188 किमी दूर स्थित है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन बलरामपुर जंक्शन (लगभग 17 किमी) तथा गोंडा जंक्शन (लगभग 53 किमी) हैं।
सड़क मार्ग द्वारा
सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य बलरामपुर एवं श्रावस्ती जनपदों में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग 1A (UP SH-1A) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 330 (NH-330) से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सी सेवाओं का सुदृढ़ नेटवर्क उपलब्ध है।
आवास
- न विभाग विश्राम गृह – सोहेलवा, वीरपुर, जारवा, जनकपुर, नंदमहर एवं पिपरा