स्थानीय एवं विदेशी प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित आश्रय और संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से बीजा नगर झील एवं उसके आसपास के 262 हेक्टेयर क्षेत्र को वर्ष 1990 में पक्षी अभयारण्य के रूप में विकसित कर शिकार निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया।
विंध्याचल पर्वतमाला में स्थित यह अभयारण्य लगभग 200 स्थानीय एवं प्रवासी पक्षी प्रजातियों का आवास है। गूज, पिंटेल, कॉमन टील, कॉटन टील, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, सुर्खाब, कूट आदि प्रवासी पक्षी नवंबर माह से यहाँ आने प्रारंभ करते हैं और दिसंबर–जनवरी तक यह अभयारण्य उनसे परिपूर्ण हो जाता है। मार्च से गर्मी बढ़ने के साथ ये पक्षी पुनः अपने मूल स्थानों की ओर लौट जाते हैं और अगले वर्ष फिर वापस आते हैं। कुछ स्थानीय पक्षी प्रजातियाँ, जैसे स्पॉट-बिल्ड डक, सारस क्रेन, पेंटेड स्टॉर्क, व्हाइट एवं ब्लैक आइबिस, डबचिक, ग्रेब, स्पूनबिल, ओपन-बिल्ड स्टॉर्क, कॉर्मोरेंट, एग्रेट, रेड-वेंटेड बुलबुल, लैपविंग, रॉबिन, सैंडपाइपर, किंग वल्चर, स्कैवेंजर वल्चर तथा कॉमन पैरट आदि, यहीं निवास करते हुए घोंसले बनाती हैं और प्रजनन करती हैं।