उत्तर प्रदेश ईको-पर्यटन विकास बोर्ड (UPETDB) की स्थापना अगस्त 2022 में पर्यटन विभाग के अंतर्गत विभिन्न विभागों के सहयोग से की गई, जिनमें निम्नलिखित विभाग सम्मिलित हैं:
- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
- आयुष विभाग
- ग्रामीण विकास विभाग
- सिंचाई विभाग
- नगर विकास विभाग
- कृषि विभाग
- उद्यान विभाग
- खेल विभाग
- परिवहन विभाग, तथा अन्य
UPETDB का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय सततता, सामुदायिक सहभागिता एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करते हुए ईको-पर्यटन को बढ़ावा देना है। स्थापना के पश्चात से ही बोर्ड ने राज्य भर में अनेक उच्च प्रभाव वाले परियोजनाओं की पहल एवं सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया है, जो सतत पर्यटन विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लक्ष्य एवं उद्देश्य
- पर्यटकों को उच्च-गुणवत्ता वाले अनुभव प्रदान करते हुए पर्यटन उद्योग का विकास करें।
- बफर जोन में निर्माण कार्यों से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं विनियमों का पालन सुनिश्चित करना।
- उत्तर प्रदेश में ईको-पर्यटन के विकास हेतु पर्यटन विभाग एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करना।
कार्य क्षेत्र
उत्तरदायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निम्नलिखित संरचना निर्धारित की गई है:
- संरक्षित वन क्षेत्र: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत संरक्षित वन क्षेत्रों एवं अन्य वन भूमि में ईको-पर्यटन गतिविधियों का संचालन करेगा।
- पर्यटन स्थल: पर्यटन विभाग राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य पर्यटन स्थलों पर ईको-पर्यटन गतिविधियों का संचालन करेगा।
- उत्तर प्रदेश में ईको-पर्यटन गतिविधियों से प्राप्त आय दोनों, वन विभाग एवं पर्यटन विभाग को प्राप्त होगी।
प्रशासन एवं निगरानी
UPETDB की संरचना में निम्नलिखित प्रावधान सम्मिलित हैं:
- li>बोर्ड सदस्य एवं बैठकें: बोर्ड तथा उसकी कार्यकारी समितियों के अधिकार, भूमिकाएँ एवं उत्तरदायित्व निर्धारित करना।
- योजना क्रियान्वयन: ईको-पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु मध्यम-कालिक एवं दीर्घ-कालिक रणनीतियाँ।
- वित्तीय प्रबंधन: निधियों का आवंटन, ऋणों हेतु सरकारी गारंटी, तथा सुदृढ़ लेखांकन एवं लेखा-परीक्षण तंत्र।
- विवाद निवारण: ईको-पर्यटन से संबंधित विवादों के समाधान हेतु स्पष्ट प्रावधान।
आगामी दिशा
उत्तर प्रदेश ईको-पर्यटन विकास बोर्ड राज्य को वैश्विक स्तर पर ईको-पर्यटन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अपने प्राकृतिक संसाधनों एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी उपयोग करते हुए, बोर्ड का उद्देश्य ऐसे सतत पर्यटन अवसरों का सृजन करना है जो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दें, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएं तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करें।