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    उत्तर प्रदेश ईको-पर्यटन बोर्ड के अंतर्गत पर्यटन क्लब

    पर्यटन पर ध्यान क्यों और पर्यटन क्लबों की आवश्यकता

    उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में विविध गतिविधियों के संचालन हेतु विभिन्न प्रकार के क्लब गठित किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि एवं कौशल के अनुसार इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। इस प्रकार, क्लब विद्यार्थियों को टीम वर्क, प्रबंधन, नेतृत्व एवं सेवा जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित करने में सक्षम बनाते हैं। पर्यटन क्लब भी इसी प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    पर्यटन पर विशेष ध्यान देने का महत्व एवं पर्यटन क्लबों की आवश्यकता

    विरासत शिक्षा के अधिकांश स्वरूप, जैसे प्राकृतिक विरासत, प्रदर्शन कलाएँ, कला एवं संस्कृति आदि, पर्यटन के माध्यम से अभिव्यक्ति प्राप्त करते हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित होने वाला वार्षिक “ताज महोत्सव” कला रूपों, हस्तशिल्प, नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियों, व्यंजनों तथा अन्य अनुभवों का संगम है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक एवं आगंतुक आते हैं। ताजमहल, एक प्रमुख निर्मित विरासत स्मारक होने के कारण, इस जीवंत उत्सव में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    युवा पर्यटन क्लबों के संस्थागत गठन का औचित्य

    युवा पर्यटन क्लबों को संस्थागत बनाने का औचित्य
    • स्थानीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
    • ऐसे नागरिकों का निर्माण करना, जो स्थानीय एवं वैश्विक स्तर पर पर्यटन स्थलों की संभावनाओं के प्रति जागरूक हों तथा भविष्य में पर्यटन के प्रोत्साहक बन सकें।
    • संदर्भ-आधारित अधिगम के लिए अवसर उपलब्ध कराना। 
    • सामाजिक विज्ञान, इतिहास, भूगोल एवं भाषा जैसे विषयों के शिक्षण को वास्तविक जीवन के स्थानों एवं घटनाओं से जोड़कर रोचक बनाना।
    • विद्यार्थियों में भौतिक परिवेश के ऐतिहासिक, भव्य एवं प्राकृतिक सौंदर्य के अन्वेषण के प्रति रुचि विकसित करना।

    विद्यालयों में आयोजित विभिन्न गतिविधियाँ विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पर्यटन क्लबों में विद्यार्थियों की सहभागिता से उनकी अधिसंज्ञानात्मक (मेटाकॉग्निटिव) क्षमताओं का विकास होता है, साथ ही वे अपने आसपास स्थित पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन स्थलों की पहचान करने में सक्षम बनते हैं।

    पर्यटन क्लबों की प्रमुख विशेषताएँ

    • ये क्लब अधिक संख्या में विद्यार्थियों को आकर्षित करेंगे तथा विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए खुले रहेंगे, क्योंकि इनकी गतिविधियाँ एवं कार्यक्रम विद्यार्थियों की रुचि, विशेषकर भ्रमण से संबंधित होंगे।
    • इस क्लब की गतिविधियाँ अन्य क्लबों की गतिविधियों के साथ समन्वित होंगी, क्योंकि पर्यटन, संस्कृति एवं विरासत विद्यालय में पढ़ाए जाने वाले विषयों का भी हिस्सा हैं। इससे विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
      • विद्यालय का इवेंट्स क्लब एवं पर्यटन क्लब मिलकर विद्यालय के बाहर भ्रमण कार्यक्रम या विद्यालय के भीतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।
      • फोटोग्राफी एवं मीडिया क्लब, पर्यटन क्लब के साथ मिलकर स्मरणीय क्षणों एवं अनुभवों का संकलन कर सकता है।
      • पर्यावरण एवं प्रकृति क्लब, पर्यटन क्लब द्वारा आयोजित यात्राओं के दौरान विभिन्न पाठों में सीखे गए सिद्धांतों एवं अवधारणाओं के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझ सकता है। इसका उद्देश्य सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है।
    • विद्यालय का पर्यटन क्लब, आसपास के विद्यालयों के पर्यटन क्लबों तथा जिले के अन्य क्लबों के साथ विशेष अवसरों एवं आयोजनों पर संवाद स्थापित कर सकता है। इससे क्लब के सदस्यों को विद्यालय के बाहर उपलब्ध नई संभावनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त होगी।