बाल दिवस के अवसर पर ईको-पर्यटन बोर्ड द्वारा बच्चों के लिए विशेष विस्ताडोम सफारी का आयोजन किया गया।
बाल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश ईको-पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों के लिए विस्ताडोम ट्रेन सफारी आयोजित की गई। इसमें राजकीय इंटर जुबली कॉलेज, लखनऊ के लगभग 30 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। बोर्ड की इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों ने प्रकृति, जंगलों एवं वन्यजीवों के मध्य एक रोमांचक एवं अनूठी यात्रा का अनुभव प्राप्त किया।
प्रातः विद्यार्थियों को बस द्वारा लखनऊ से बिछिया ले जाया गया, जहाँ से उनकी विस्ताडोम कोच में यात्रा प्रारंभ हुई। इस विशेष कोच की पारदर्शी शीशे एवं विस्तृत दृश्यावली के माध्यम से विद्यार्थियों ने तराई क्षेत्र के घने वन, हरे-भरे घास के मैदान, जलाशय तथा विविध वन्यजीवों को अत्यंत निकटता से देखा। यह यात्रा बिछिया (कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के निकट) से प्रारंभ होकर मैलानी (दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश द्वार) तक चली।
अनेक विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब उन्होंने वन्यजीवों एवं प्राकृतिक परिवेश को इतने निकट से अनुभव किया। कोच में निर्मित विशेष अवलोकन क्षेत्र ने इस अनुभव को और अधिक यादगार बना दिया।
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान अपनी जैव विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ बाघ, गैंडा, बारहसिंगा, हाथी, घड़ियाल सहित अनेक दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ 450 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ भी देखी जा सकती हैं। विस्ताडोम यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को इन प्राकृतिक धरोहरों से रोचक तरीके से परिचित कराया गया।
बाल दिवस पर आयोजित यह यात्रा बच्चों के लिए प्रकृति को समझने, उससे जुड़ने तथा सीखने का एक प्रभावशाली माध्यम सिद्ध हुई। अनेक विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का सबसे रोमांचक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव बताया।