यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा वन्यजीव अभयारण्य है, जो मात्र लगभग 1 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है, किंतु यहाँ 180 से अधिक पक्षी प्रजातियों के पाए जाने के कारण इसे राज्य के उत्कृष्ट अभयारण्यों में माना जाता है।
शीत ऋतु में अभयारण्य के भीतर स्थित उथली झील प्रवासी पक्षियों के आगमन से जीवंत हो उठती है और रंगों एवं ध्वनियों से भर जाती है। यह झील वर्षा जल से पोषित होती है तथा ग्रीष्म ऋतु में प्रायः सूख जाती है।
यहाँ पाई जाने वाली प्रमुख पक्षी प्रजातियों में कॉम्ब डक, कॉटन टील, लेसर व्हिस्लिंग डक एवं स्पॉट-बिल्ड डक शामिल हैं। दिसंबर एवं जनवरी के शीतकालीन चरम अवधि में यह अभयारण्य 60,000 से अधिक पक्षियों का स्वागत करता है। इस दौरान रोसी पेलिकन, लेसर फ्लेमिंगो, यूरेशियन स्पूनबिल, मल्लार्ड तथा फ्लैट-हेडेड गूज जैसी आकर्षक प्रजातियाँ यहाँ देखी जा सकती हैं। यहाँ का सबसे सामान्य प्रवासी पक्षी नॉर्दर्न पिंटेल है, जिसकी संख्या अन्य सभी प्रजातियों से अधिक होती है।
कैसे पहुँचे
वायु मार्ग द्वारा
निकटतम हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है, जो यहाँ से लगभग 169 किमी दूर स्थित है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा गंतव्य तक पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन एटा रेलवे स्टेशन (लगभग 50 किमी) है।
सड़क मार्ग द्वारा
पटना वन्यजीव अभयारण्य एटा जनपद में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग 31 एवं 85 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 321 और 91 के माध्यम से प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ आने-जाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी बसों तथा टैक्सी सेवाओं का सुदृढ़ नेटवर्क उपलब्ध है।
आवास
आगरा में वन विश्राम गृह एवं निजी आवास सुविधाएँ उपलब्ध हैं।